राजभाषा

राजभाषा कार्यान्वयन समिति

केन्द्रीय विद्यालय,भरतपुर की राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सदस्य 

 

क्रम संख्या

राजभाषा अधिकारी का नाम

पद का नाम

राजभाषा समिति में पद

मोबाइल नंबर

ई-मेल पता

1

श्री नेम सिंह

प्राचार्य

अध्यक्ष राजभाषा समिति

9413202335

nsingh.kv3jhj@gmail.com

2

श्री सतीश चंद मीना

पी.जी.टी.(हिन्दी)    

सचिव एवं सदस्य

9460925644

meenakvs@gmail.com

3

श्रीमती पंकज अग्रवाल

पी.जी.टी.(अंग्रेजी)

आंग्लभाषा विभाग सदस्य

9462119539

pankajagarwalkv@gmail.com

4

श्री मनमथ कुमार शर्मा

पी.जी.टी.(भौतिक विज्ञान)

विज्ञान विभाग सदस्य

9782580920

manmaths@rediffmail.com

5

श्री ललित कुमार मीना

पी.जी.टी.(भूगोल)

भूगोल विभाग सदस्य

9829984114

lalitk.meena6@gmail.com

6

रिक्त

पी.जी.टी.(इतिहास)

इतिहास विभाग सदस्य

 

 

7

श्री राजेश कुमार शर्मा

पी.जी.टी.(अर्थशास्त्र)

अर्थशास्त्र विभाग सदस्य

9413360145

rksharmamax@gmail.com

8

श्री अशोक कुमार राजावत

पी.जी.टी.(रसायन विज्ञान)

रसायन विज्ञान विभाग सदस्य

8769740668

ashokrajawat18@gmail.com

9

श्री पंकज सिंह

पी.जी.टी.(संगणक विज्ञान)

कम्प्यूटर विभाग सदस्य

9638259217

pankajhindustani@rediffmail.com

10

श्री पप्पू राम मीना

टी.जी.टी.(हिन्दी)

हिन्दी विभाग सदस्य

9460235656

meenapr78@gmail.com

11

श्री खेम चंद गुप्ता

टी.जी.टी.(हिन्दी)

हिन्दी विभाग सदस्य

7062548201

 

12

श्री लच्छी लाल जाटव

टी.जी.टी.(हिन्दी)

हिन्दी विभाग सदस्य

9414554712

lachchhilaljatav@gmail.com

13

श्रीमती सुशीला देवी

टी.जी.टी.(संस्कृत)

संस्कृत विभाग सदस्य

8112201948

sushilachaudhrytehr@gmail.com

14

श्री राजेन्द्र प्रसाद सारस्वत

पुस्तकालयध्यक्ष

पुस्तकालय विभाग सदस्य

9927264777

 

15

श्री धीरज कुमार सिंह

टी.जी.टी.(शारीरिक शिक्षक)

शारीरिक शिक्षक, सदस्य

7983306408

dksinghsports@gmail.com

16

सुश्री प्रज्ञा सक्सेना

टी.जी.टी.(कला शिक्षा)

कला शिक्षा सदस्य

9414877571

pragya.saxena3428@gmail.com

17

श्री हीरा लाल

प्रधानाध्यापक

मुख्याध्यापक, प्राथमिक विभाग सदस्य

9413632846

hiralalbalai59@gmail.com

18

श्री इंदर कुमार

एस. एस. ए.

कार्यालय सदस्य

9785255102

inderburahadia@gmail.com

19

श्री कृष्णा कुमार

कम्प्युटर इंस्ट्रकटर

कम्प्यूटर विभाग सदस्य

9761800440

krishna.best2009@gmail.com

    

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 राजभाषा निरीक्षण प्रपत्र

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राजभाषा नियम, 1976

राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम, 1976

(यथा संशोधित, 1987, 2007 तथा 2011)

सा.का.नि. 1052 --राजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के साथ पठित धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुएकेन्द्रीय सरकार निम्नलिखित नियम बनाती हैअर्थातः-

1.     संक्षिप्त नामविस्तार और प्रारम्भ--

a.     इन नियमों का संक्षिप्त नाम राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोगनियम, 1976 है।

b.    इनका विस्तारतमिलनाडु राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है।

c.     ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे।

2.     परिभाषाएं-- इन नियमों मेंजब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित  होः-

a.     'अधिनियमसे राजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) अभिप्रेत है;

b.    'केन्द्रीय सरकार के कार्यालयके अन्तर्गत निम्नलिखित भी हैअर्थातः-

c.     केन्द्रीय सरकार का कोई मंत्रालयविभाग या कार्यालय;

d.    केन्द्रीय सरकार द्वारा नियुक्त किसी आयोगसमिति या अधिकरण का कोई कार्यालयऔर

e.     केन्द्रीय सरकार के स्वामित्व में या नियंत्रण के अधीन किसी निगम या कम्पनी का कोई कार्यालय;

f.     'कर्मचारीसे केन्द्रीय सरकार के कार्यालय में नियोजित कोई व्यक्ति अभिप्रेत है;

g.    'अधिसूचित कार्यालयसे नियम 10 के उपनियम (4) के अधीन अधिसूचित कार्यालयअभिप्रेत है;

h.     'हिन्दी में प्रवीणतासे नियम 9 में वर्णित प्रवीणता अभिप्रेत है ;                                                                                                       

i.      'क्षेत्र से बिहारहरियाणाहिमाचल प्रदेशमध्य प्रदेशछत्तीसगढ़झारखंड़उत्तराखंड राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्य तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूहदिल्ली संघ राज्य क्षेत्र अभिप्रेत है;

j.      'क्षेत्र से गुजरातमहाराष्ट्र और पंजाब राज्य तथा चंडीगढ़दमण और दीव तथा दादरा और नगर हवेली संघ राज्य क्षेत्र अभिप्रेत हैं;

k.     'क्षेत्र से खंड (और (में निर्दिष्ट राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों से भिन्न राज्य तथा संघ राज्य क्षेत्र अभिप्रेत है;

l.      हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञानसे नियम 10 में वर्णित कार्यसाधक ज्ञान अभिप्रेत है 

3.     राज्यों आदि और केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों से भिन्न कार्यालयों के साथ पत्रादि-

1.     केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से क्षेत्र 'में किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र को या ऐसे राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय  होया व्यक्ति को पत्रादि असाधारण दशाओं को छोड़कर हिन्दी में होंगे और यदि उनमें से किसी कोकोई पत्रादि अंग्रेजी में भेजे जाते हैं तो उनके साथ उनका हिन्दी अनुवाद भी भेजा जाएगा।

2.     केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से--

a.     क्षेत्र 'में किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को या ऐसे राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय  होको पत्रादि सामान्यतया हिन्दी में होंगे और यदि इनमें से किसी को कोई पत्रादि अंग्रेजी में भेजे जाते हैं तो उनके साथ उनका हिन्दीअनुवाद भी भेजा जाएगाः परन्तु यदि कोई ऐसा राज्य या संघ राज्य क्षेत्र यह चाहता है कि किसी विशिष्ट वर्ग या प्रवर्ग के पत्रादि या उसके किसी कार्यालय के लिए आशयित पत्रादि संबद्ध राज्य या संघ राज्यक्षेत्र की सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट अवधि तक अंग्रेजी याहिन्दी में भेजे जाएं और उसके साथ दूसरी भाषा में उसका अनुवाद भी भेजा जाए तो ऐसे पत्रादि उसी रीति से भेजे जाएंगे ;

b.    क्षेत्र 'के किसी राज्य या संघ राज्य क्षेत्र में किसी व्यक्ति को पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में भेजे जा सकते हैं।

3.     केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से क्षेत्र 'में किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को या ऐसे राज्य में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय  हो)या व्यक्ति को पत्रादि अंग्रेजी में होंगे।

4.     उप नियम (1) और (2) में किसी बात के होते हुए भीक्षेत्र 'में केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से क्षेत्र ''या''में किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र को या ऐसे राज्य में किसी कार्यालय (जो केन्द्रीय सरकार का कार्यालय  होया व्यक्ति को पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में होसकते हैं  परन्तु हिन्दी में पत्रादि ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकार ऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्या,हिन्दी में पत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुए समय-समय परअवधारित करे।

                केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों के बीच पत्रादि-

 .      केन्द्रीय सरकार के किसी एक मंत्रालय या विभाग और किसी दूसरे मंत्रालय या विभाग के बीच पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में हो सकते हैं;

a.     केन्द्रीय सरकार के एक मंत्रालय या विभाग और क्षेत्र 'में स्थित संलग्न या अधीनस्थ कार्यालयों के बीच पत्रादि हिन्दी में होंगे और ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकारऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्याहिन्दी मेंपत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे संबंधित आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुएसमय-समय पर अवधारित करे;

b.    क्षेत्र 'में स्थित केन्द्रीय सरकार के ऐसे कार्यालयों के बीचजो खण्ड (या खण्ड (में विनिर्दिष्ट कार्यालयों से भिन्न हैंपत्रादि हिन्दी में होंगे;

c.     क्षेत्र 'में स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों और क्षेत्र 'या ''में स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों के बीच पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में हो सकते हैं;
परन्तु ये पत्रादि हिन्दी में ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकार ऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्या,हिन्दी में पत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अवधारित करे ;

d.    क्षेत्र 'या 'में स्थित केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों के बीच पत्रादि हिन्दी या अंग्रेजी में हो सकते हैं;
परन्तु ये पत्रादि हिन्दी में ऐसे अनुपात में होंगे जो केन्द्रीय सरकार ऐसे कार्यालयों में हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों की संख्या,हिन्दी में पत्रादि भेजने की सुविधाओं और उससे आनुषंगिक बातों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अवधारित करे ;
परन्तु जहां ऐसे पत्रादि--

i.        क्षेत्र 'या क्षेत्र 'किसी कार्यालय को संबोधित हैं वहां यदि आवश्यक हो तोउनका दूसरी भाषा में अनुवादपत्रादि प्राप्त करने के स्थान पर किया जाएगा;

ii.        क्षेत्र 'में किसी कार्यालय को संबोधित है वहांउनका दूसरी भाषा में अनुवादउनके साथ भेजा जाएगा;
परन्तु यह और कि यदि कोई पत्रादि किसी अधिसूचित कार्यालय को संबोधित है तो दूसरी भाषा में ऐसा अनुवाद उपलब्ध कराने की अपेक्षा नहीं की जाएगी 

                हिन्दी में प्राप्त पत्रादि के उत्तर--
नियम 3 और नियम 4 में किसी बात के होते हुए भीहिन्दी में पत्रादि के उत्तर केन्द्रीय सरकार के कार्यालय से हिन्दी में दिए जाएंगे 

                हिन्दी और अंग्रेजी दोनों का प्रयोग-
अधिनियम की धारा 3 की उपधारा (3) में निर्दिष्ट सभी दस्तावेजों के लिए हिन्दी और अंग्रेजी दोनों का प्रयोग किया जाएगा और ऐसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्तियों का यह उत्तरदायित्व होगा कि वे यह सुनिश्चित कर लें कि ऐसी दस्तावेजें हिन्दी औरअंग्रेजी दोनों ही में तैयार की जाती हैंनिष्पादित की जाती हैं और जारी की जाती हैं।

                आवेदनअभ्यावेदन आदि-

0.     कोई कर्मचारी आवेदनअपील या अभ्यावेदन हिन्दी या अंग्रेजी में कर सकता है।

1.     जब उपनियम (1) में विनिर्दिष्ट कोई आवेदनअपील या अभ्यावेदन हिन्दी में किया गया हो या उस पर हिन्दी में हस्ताक्षर किए गए होंतब उसका उत्तर हिन्दी में दिया जाएगा।

2.     यदि कोई कर्मचारी यह चाहता है कि सेवा संबंधी विषयों (जिनके अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाहियां भी हैंसे संबंधित कोई आदेश या सूचना,जिसका कर्मचारी पर तामील किया
जाना अपेक्षित हैयथास्थितिहिन्दी या अंग्रेजी में होनी चाहिए तो वह उसे असम्यक विलम्ब के बिना उसी भाषा में दी जाएगी।

 

                केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों में टिप्पणों का लिखा जाना -

0.     कोई कर्मचारी किसी फाइल पर टिप्पण या कार्यवृत्त हिंदी या अंग्रेजी में लिख सकता है और उससे यह अपेक्षा नहीं की जाएगी कि वह उसका अनुवाद दूसरी भाषा में प्रस्तुत करे।

1.     केन्द्रीय सरकार का कोई भी कर्मचारीजो हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखता हैहिन्दी में किसी दस्तावेज के अंग्रेजी अनुवाद की मांग तभी कर सकता हैजब वह दस्तावेज विधिक या तकनीकी प्रकृति का हैअन्यथा नहीं।

2.     यदि यह प्रश्न उठता है कि कोई विशिष्ट दस्तावेज विधिक या तकनीकी प्रकृति का है या नहीं तो विभाग या कार्यालय का प्रधान उसका विनिश्चय करेगा।

3.     उपनियम (1) में किसी बात के होते हुए भीकेन्द्रीय सरकारआदेश द्वारा ऐसे अधिसूचित कार्यालयों को विनिर्दिष्ट कर सकती है जहां ऐसे कर्मचारियों द्वारा,जिन्हें हिन्दी में प्रवीणता प्राप्त हैटिप्पणप्रारूपण और ऐसे अन्य शासकीय प्रयोजनों के लिएजो आदेश मेंविनिर्दिष्ट किए जाएंकेवल हिन्दी का प्रयोग किया जाएगा 

 

                हिन्दी में प्रवीणता-
यदि किसी कर्मचारी ने-

 .      मैट्रिक परीक्षा या उसकी समतुल्य या उससे उच्चतर कोई परीक्षा हिन्दी के माध्यम से उत्तीर्ण कर ली है;या

a.     स्नातक परीक्षा में अथवा स्नातक परीक्षा की समतुल्य या उससे उच्चतर किसी अन्य परीक्षा में हिन्दी को एक वैकल्पिक विषय के रूप में लिया होया

b.    यदि वह इन नियमों से उपाबद्ध प्ररूप में यह घोषणा करता है कि उसे हिन्दी में प्रवीणता प्राप्त है;
तो उसके बारे में यह समझा जाएगा कि उसने हिन्दी में प्रवीणता प्राप्त कर ली है 

 

                हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान-  

 .        यदि किसी कर्मचारी ने-

i.        मैट्रिक परीक्षा या उसकी समतुल्य या उससे उच्चतर परीक्षा हिन्दी विषय के साथ उत्तीर्ण कर ली हैया

ii.        केन्द्रीय सरकार की हिन्दी परीकाा योजना के अन्तर्गत आयोजित प्राज्ञ परीक्षा या यदि उस सरकार द्वारा किसी विशिष्ट प्रवर्ग के पदों के सम्बन्ध में उस योजना के अन्तर्गत कोई निम्नतर परीक्षा विनिर्दिष्ट हैवह परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है;या

iii.        केन्द्रीय सरकार द्वारा उस निमित्त विनिर्दिष्ट कोई अन्य परीक्षा उत्तीर्ण कर ली हैया

b.        यदि वह इन नियमों से उपाबद्ध प्ररूप में यह घोषणा करता है कि उसने ऐसा ज्ञान प्राप्त कर लिया है;

तो उसके बारे में यह समझा जाएगा कि उसने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया है।

1.     यदि केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय में कार्य करने वाले कर्मचारियों में से अस्सी प्रतिशत ने हिन्दी का ऐसा ज्ञान प्राप्त कर लिया है तो उस कार्यालय के कर्मचारियों के बारे में सामान्यतया यह समझा जाएगा कि उन्होंने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लियाहै।

2.     केन्द्रीय सरकार या केन्द्रीय सरकार द्वारा इस निमित्त विनिर्दिष्ट कोई अधिकारी यह अवधारित कर सकता है कि केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय के कर्मचारियों ने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया है या नहीं।

3.     केन्द्रीय सरकार के जिन कार्यालयों में कर्मचारियों ने हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान प्राप्त कर लिया है उन कार्यालयों के नाम राजपत्र में अधिसूचित किए जाएंगे;

परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार की राय है कि किसी अधिसूचित कार्यालय में काम करने वाले और हिन्दी का कार्यसाधक ज्ञान रखने वाले कर्मचारियों का प्रतिशत किसी तारीख में से
उपनियम (2) में विनिर्दिष्ट प्रतिशत से कम हो गया हैतो वह राजपत्र में अधिसूचना द्वारा घोषित कर सकती है कि उक्त कार्यालय उस तारीख से अधिसूचित कार्यालय नहीं रह जाएगा 

2.     मैनुअलसंहिताएंप्रक्रिया संबंधी अन्य साहित्यलेखन सामग्री आदि-

0.     केन्द्रीय सरकार के कार्यालयों से संबंधित सभी मैनुअलसंहिताएं और प्रक्रिया संबंधी अन्य साहित्यहिन्दी और अंग्रेजी में द्विभाषिक रूप में यथास्थितिमुद्रित या साइक्लोस्टाइल किया जाएगा और प्रकाशित किया जाएगा।

1.     केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय में प्रयोग किए जाने वाले रजिस्टरों के प्ररूप और शीर्षक हिन्दी और अंग्रेजी में होंगे।

2.     केन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय में प्रयोग के लिए सभी नामपट्टसूचना पट्टपत्रशीर्ष और लिफाफों पर उत्कीर्ण लेख तथा लेखन सामग्री की अन्य मदें हिन्दी और अंग्रेजी में लिखी जाएंगीमुद्रित या उत्कीर्ण होंगी;

परन्तु यदि केन्द्रीय सरकार ऐसा करना आवश्यक समझती है तो वहसाधारण या विशेष आदेश द्वाराकेन्द्रीय सरकार के किसी कार्यालय को इस नियम के सभी या किन्हीं उपबन्धों से छूट दे सकती है।

3.     अनुपालन का उत्तरदायित्व-

0.     केन्द्रीय सरकार के प्रत्येक कार्यालय के प्रशासनिक प्रधान का यह उत्तरदायित्व होगा कि वह--


ii.        यह सुनिश्चित करे कि अधिनियम और इन नियमों के उपबंधों और उपनियम (2) के अधीन जारी किए गए निदेशों का समुचित रूप से अनुपालन हो रहा है;और

iii.        इस प्रयोजन के लिए उपयुक्त और प्रभावकारी जांच के लिए उपाय करे 

1.     केन्द्रीय सरकार अधिनियम और इन नियमों के उपबन्धों के सम्यक अनुपालन के लिए अपने कर्मचारियों और कार्यालयों को समय-समय पर आवश्यक निदेश जारी कर सकती है 

[भारत का राजपत्रभाग-2, खंड 3, उपखंड (i) में प्रकाशनार्थ]

भारत सरकार

गृह मंत्रालय

राजभाषा विभाग

नई दिल्लीदिनांकअगस्त, 2007

अधिसूचना

 

का.. (). -- केन्द्रीय सरकारराजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के साथ पठित धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुएराजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोगनियम, 1976 काऔर संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती हैअर्थात:-

1.      

i.        इन नियमों का संक्षिप्त नाम राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोगसंशोधन नियम, 2007 है 

ii.        ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे 

2.     राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोगनियम, 1976 में -

नियम 2 के खंड (के स्थान पर निम्नलिखित खंड रखा जाएगाअर्थात्:-

क्षेत्र ” से बिहारछत्तीसगढहरियाणाहिमाचल प्रदेशझारखंडमध्यप्रदेशराजस्थानउत्तर प्रदेशउत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली तथा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह संघ राज्य क्षेत्र’ अभिप्रेत हैं; ’

[(फा.सं. I/14034/02/2007-रा.भा.(नीति-1)]

(पी.वी.वल्सला जी.कुट्टी)

संयुक्त सचिवभारत सरकार

 

भारत के राजपत्रभाग-II, खंड 3, उपखंड (i) में प्रकाशित]

पृष्ठ संख्या 576-577

दिनांक 14-5-2011

 

भारत सरकार

गृह मंत्रालय

राजभाषा विभाग

***

 

नई दिल्ली, 4 मई, 2011

अधिसूचना

 

सा.का.नि. 145 केन्द्रीय सरकारराजभाषा अधिनियम, 1963 (1963 का 19) की धारा 3 की उपधारा (4) के साथ पठित धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुएराजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोगनियम, 1976 का और संशोधन करने के लिए निम्नलिखित नियम बनाती हैअर्थात्:-

 

1.      

i.        इन नियमों का संक्षिप्त नाम राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोगसंशोधन नियम, 2011 है 

ii.        ये राजपत्र में प्रकाशन की तारीख को प्रवृत्त होंगे 

2.     राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोगनियम, 1976 के – नियम 2 के खण्ड (के स्थान पर निम्नलिखित खंड रखा जाएगाअर्थात्:-

क्षेत्र ” से गुजरातमहाराष्ट्र और पंजाब राज्य तथा चंडीगढ़दमण और दीव तथा दादरा और नगर हवेली संघ राज्य क्षेत्र अभिप्रेत हैं;’

 

[(फा.सं.I/14034/02/2010-रा.भा. (नीति-1)]

 

डी.के.पाण्डेयसंयुक्त सचिव

टिप्पण:- मूल नियम भारत के राजपत्र में सा.का.नि.संख्यांक 1052 तारीख 17 जुलाई, 1976 द्वारा प्रकाशित किए गए थे और सा.का.नि.संख्यांक 790, तारीख 24 अक्तूबर, 1987 तथा सा.का.नि.संख्यांक 162 तारीख 03 अगस्त, 2007 द्वारा उनमें पश्चातवर्ती संशोधन किए गए।