प्रधानाचार्य का संदेश

 प्राचार्य का संदेश

 

श्री नेम सिंह

 

 

विश्वगुरु की उपाधि से मण्डित इस देश में केन्द्रीय विद्यालय उस प्राचीन विरासत का वाहक एवं गुणवत्तायुक्त शिक्षा का प्रतीक बन चुका है। विद्यार्थियों का शारीरिकमानसिकआद्यात्मिक एवं सर्वांगीण विकास करने वाली शिक्षा को केन्द्रीय विद्यालय के पाठ्यक्रम एवं पाठ्यसहगामी क्रियाकलाप में प्रमुख स्थान दिया गया है।

केन्द्रीय विद्यालय में हम ‘मिनी इण्डिया’ की झांकी को जीवन्त रूप से देख सकते है। जहां विद्यार्थी जातिधर्मवर्णउच्च-निम्न के भेदभाव से परे हटकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। सम्पूर्ण भारतवर्ष में ‘एक देशएक शिक्षा’ की अलख जगाने वाले केन्द्रीय विद्यालयों ने विदेशों में भी भारतीय शिक्षा का शंखनाद किया है।

“ आओ सॅवारें इस दुनिया कोढूंढे एक आकाश नया ।

कर्मभूमि के इस युद्ध मेंरचना है इतिहास नया । ”

                                                                                                                                                                                                                   प्राचार्य